टिंडल प्रभाव क्या है? इसकी खोज किसने की,(tyndall effect in hindi)

टिंडल प्रभाव क्या है: आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे कि टिंडल प्रभाव क्या है (tyndaltyndall effect in hindi), टिंडल प्रभाव का चित्र, टिंडल प्रभाव का सूत्र, टिंडल प्रभाव की खोज किसने की।

Tyndall effect in hindi

टिंडल प्रभाव क्या है, टिंडल प्रभाव की खोज किसने की

टिंडल प्रभाव की परिभाषा: जब कोई प्रकाश की किरण का पुंज वायुमंडल के महीन कण जैसे – धुआं, सूक्ष्म बूंदें, मिट्टी का कण, वायु के अणु से टकराता है तो प्रकाश की पुंज के किरणों का मार्ग दिखाई देने लगता है। कोलाईडी कणों के कारण प्रकाश के प्रकीर्णन की इस घटना को टिंडल प्रभाव कहते हैं।

टिंडल प्रभाव का उदाहरण

  • घने जंगल में जब सूर्य का प्रकाश गुजरता है तो टिंडल प्रभाव को देखा जा सकता है।
  • अंधेरे कमरे में जब प्रकाश की किरणें आती है तो धूल के कण आपको चमकते हुए दिखाई देते हैं।
  • सिनेमा घर में प्रोजेक्टर से प्रकाश का पर्दे की ओर जाते हुए दिखाई देना।

टिंडल प्रभाव की खोज जॉन टिण्डल ने की थी, इस प्रभाव के बारे में 19 वीं शताब्दी के महान ब्रिटिश भौतिक वैज्ञानिक “जॉन टिंडल” ने बहुत अधिक अध्ययन किया था और इस प्रभाव को प्रयोगों द्वारा करके इसका कारण समझाया था।

चित्रानुसार दो विलयन लेते हैं एक साधारण विलयन और एक कोलाइड विलयन , दोनों विलयनों में से होकर एक तीव्र प्रकाश पुंज को गुजारा जाता है तो हम देखते हैं कि साधारण विलयन में यह प्रकाश नहीं दिखता है लेकिन कोलाइड विलयन में प्रकाश चमकता हुआ दिखाई देता है इस प्रभाव को ही टिण्डल प्रभाव कहते हैं जैसा चित्र में दिखाया गया है –

टिंडल प्रभाव क्या है | tyndall effect in hindi
टिंडल प्रभाव का चित्र

कारण : चूँकि साधारण या वास्तविक विलयन के कणों का आकार बहुत ही सूक्ष्म होता है इसलिए जब वास्तविक विलयन से प्रकाश गुजारा जाता है तो प्रकाश प्रकिर्णित नहीं होता है और हमारी आँखों तक नहीं पहुँच पात है जिससे हमें यह प्रकाश दिखाई नहीं देता है।
दूसरी तरफ जब प्रकाश पुंज को किसी कोलाइडी विलयन से गुजारा जाता है तो कोलाइड विलयन में कणों का आकार अपेक्षाकृत बड़ा होता है जिससे जब प्रकाश इनसे टकराता है तो वह प्रकिर्णित हो जाता है और जिसके कारण यह प्रकाश प्रकिर्णित होकर हमारी आँखों तक पहुंच जाता है और हमें प्रकाश का मार्ग चमकता हुआ दिखाई देता है।

टिंडल प्रभाव को कैसे देखा जा सकता है

टिंडल प्रभाव को निम्न प्रकार से देखा जा सकता है –

  • एक टॉर्च और एक कांच के गिलास में पानी लीजिए अब पानी के गिलास के एक साइड से दूसरी साइड टॉर्च जलाएं तो पानी के अन्दर भी प्रकाश की किरण दिखाई देंगी।
  • एक अगरबत्ती और एक बोतल लीजिए जो कि पारदर्शी हो अगरबत्ती जलाकर उसका धुआं बोतल में भर दें और धुएं को बोतल से धीरे-धीरे निकलने दीजिए और वहां टॉर्च जलाएं तो आप देखेंगे की धुएं में आपको रोशनी दिखाई देगी इसे भी टिंडल का प्रभाव कहते हैं।

टिंडल प्रभाव क्या है प्रैक्टिकल के साथ – Video Guide

Conclusion 

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