Tatsam and Tadbhav Shabd Kise Kahate hain

tatsam shabd kise kahate hain, Tatsam Shabd kise kahate hain udaharan, Tatsam shabd kise kahate hain class 8,Tatsam Shabd Kise kahate Hain Example,tadbhav shabd kise kahate hain, tadbhav shabd kise kahate hain, तत्सम शब्द किसे कहते हैं उदाहरण सहित दीजिए

Hindi Vyakaran की इस सीरीज में Tatsam and Tadbhav Shabd Kise Kahate hain , तत्सम-तद्भव शब्द को उदाहरण सहित सीखेंगे।

tatsam and tadbhav shabd kise kahate hain

Tatsam Shabd Kise Kahate hain | Tadbhav Shabd Kise Kahate Hain

तत्सम शब्द की परिभाषा 

तत्सम शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों, तत् + सम् से मिलकर बना है।  जिसका अर्थ है ज्यों का त्यों। जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
जैसे- नासिका, मुख, सूर्य, चन्द्रमा, रात्रि आदि।

तद्भव शब्द की परिभाषा

वे शब्द जो तत्सम न रहकर उसी शब्द से बिगड़कर बने हैं या समय और परिस्थिति की वजह से तत्सम शब्दों में जो परिवर्तन हुए हैं। उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं। 
जैसे- चाँद, सूरज, रात, नाक, मुँह आदि।

Tatsam and Tadbhav Shabd Udaharan

तत्सम

तद्भव

तत्सम

तद्भव

चन्द्र

चाँद

ग्राहक

गाहक

मयूर

मोर

विद्युत

बिजली

वधू

बहू

नृत्य

नाच

चर्म

चमड़ा

गौ

गाय

ग्रीष्म

गर्मी

अज्ञानी

अज्ञानी

अकस्मात्

अचानक

अग्नि

आग

आलस्य

आलस

उज्ज्वल

उजला

कर्म

काम

नवीन

नया

स्वर्ण

सोना

शत

सौ

श्रंगार

सिंगार

सर्प

साँप

कूप

कुआँ

कोकिल

कोयल

मृत्यु

मौत

सप्त

सात

घृत

घी

दधि

दही

दुग्ध

दूध

धूम्र

धुआँ

दन्त

दाँत

छिद्र

छेद

अमूल्य

अमोल

आश्चर्य

अचरज

अश्रु

आँसू

कर्ण

कान

कृषक

किसान

ग्राम

गाँव

हस्ती

हाथी

आम्र

आम

मक्षिका

मक्खी

शर्कर

शक्कर

सत्य

सच

हस्त

हाथ

हरित

हरा

शिर

सिर

गृह

घर

चूर्ण

चूरन

कुम्भकार

कुम्हार

कटु

कड़वा

नग्न

नंगा

भगिनी

बहिन

वार्ता

बात

भगिनी

बहिन

मृत्तिका

मिट्टी

पुत्र

पूत

कपाट

किवाड़

छत्र

छाता

धैर्य

धीरज

कर्ण

कान

भुजा

बाँह

पाद

पाँव

Tatsam and Tadbhav Shabd शब्दों को पहचानने के नियम :

  1. तत्सम शब्दों के पीछे क्ष  वर्ण का प्रयोग होता है और तद्भव शब्दों के पीछे ख  या शब्द का प्रयोग होता है।
  2. तत्सम शब्दों में श्र  का प्रयोग होता है और तद्भव शब्दों में का प्रयोग हो जाता है।
  3. तत्सम शब्दों में का प्रयोग होता है और तद्भव शब्दों में का प्रयोग हो जाता है।
  4. तत्सम शब्दों में वर्ण का प्रयोग होता है।
  5. तत्सम शब्दों में की मात्रा का प्रयोग होता है।
  6. तत्सम शब्दों में की मात्रा का प्रयोग होता है।
  7. तत्सम शब्दों में का प्रयोग होता है और तद्भव शब्दों में का प्रयोग होता है।

 से शुरू होंने वाले Tatsam and Tadbhav Shabd

1. आम्र= आम
2. आश्चर्य = अचरज
3. अक्षि = आँख
4. अमूल्य = अमोल
5. अग्नि = आग
6. अँधेरा = अंधकार
7. अगम = अगम्य
8. आधा = अर्ध
9. अकस्मात = अचानक
10. आलस्य = आलस
11. अज्ञानी = अज्ञानी
12. अश्रु = आँसू
13. अक्षर = अच्छर
14. अंगरक्षक = अंगरखा
15. आश्रय = आसरा
16. आशीष = असीस
17. अशीति = अस्सी
18. ओष्ठ = ओंठ
19. आरात्रिका = आरती
20. अमृत = अमिय
21. अंध = अँधा
22. अर्द्ध = आधा
23. अन्न = अनाज
24. अनर्थ = अनाड़ी
25. अग्रणी = अगुवा
26. अक्षवाट = अखाडा
27. अंगुष्ठ = अंगूठा
28. अक्षोट = अखरोट
29. अट्टालिका = अटारी
30. अष्टादश = अठारह
31. अंक = आँक
32. अंगुली = ऊँगली
33. अंचल = आंचल
34. अंजलि = अँजुरी
35. अखिल = आखा
36. अगणित = अनगिनत
37. अद्य = आज
38. अम्लिका = इमली
39. अमावस्या = अमावस
40. अर्पण = अरपन
41. अन्यत्र = अनत
42. अनार्य = अनाड़ी
43. अज्ञान = अजान
44. आदित्यवार = इतवार
45. आभीर = अहेर
46. आम्रचूर्ण = अमचूर
47. आमलक = आँवला
48. आर्य = आरज
49. आश्रय = आसरा
50. आश्विन = आसोज
51. आभीर = अहेर

 ,  से शुरू होने वाले Tatsam and Tadbhav Shabd

52. इक्षु= ईंख
53. ईर्ष्या = इरषा
54. इष्टिका = ईंट

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

55. उलूक= उल्लू
56. ऊँचा = उच्च
57. उज्ज्वल = उजला
58. उष्ट्र = ऊँट
59. उत्साह = उछाह
60. ऊपालम्भ = उलाहना
61. उदघाटन = उघाड़ना
62. उपवास = उपास
63. उच्छवास = उसास
64. उद्वर्तन = उबटन
65. उलूखल = ओखली
66. ऊषर = ऊँट

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

67 .एकादश= ग्यारह
68. एला = इलायची

 से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :

69. ऋक्ष= रीछ

 ,  से शुरू होने वाले Tatsam and Tadbhav Shabd

70. किरण= किरन
71. कुपुत्र = कपूत
72. कर्म = काम
73. काक = कौआ
74. कपोत = कबूतर
75. कदली = केला
76. कपाट = किवाड़
77. कीट = कीड़ा
78. कूप = कुआँ
79. कोकिल = कोयल
80. कर्ण = कान
81. कृषक = किसान
82. कुम्भकर = कुम्हार
83. कटु = कडवा
84. कुक्षी = कोख
85. क्लेश = कलेश
86. काष्ठ = काठ
87. कृष्ण = किसन
88. कुष्ठ = कोढ़
89. कृतगृह = कचहरी
90. कर्पूर = कपूर
91. कार्य = काज
92. कार्तिक = कातिक
93. कुक्कुर = कुत्ता
94. कन्दुक = गेंद
95. कच्छप = कछुआ
96. कंटक = काँटा
97. कुमारी = कुँवारी
98. कृपा = किरपा
99. कपर्दिका = कौड़ी
100. कुब्ज = कुबड़ा
101. कोटि = करोड़
102. कर्तव्य = करतब
103. कंकण = कंगन
104. किंचित = कुछ
105. केवर्त = केवट
106. खटवा = खाट

 ,  से शुरु होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

107. घोटक= घोडा
108. गृह = घर
109. घृत = घी
110. ग्राम = गाँव
111. गर्दभ = गधा
112. घट = घडा
113. ग्रीष्म = गर्मी
114. ग्राहक = गाहक
115. गौ = गाय
116. घृणा = घिन
117. गर्जर = गाजर
118. ग्रन्थि = गाँठ
119. घटिका = घड़ी
120. गोधूम = गेंहूँ
121. ग्राहक = गाहक
122. गौरा = गोरा
123. गृध = गीध
124. गायक = गवैया
125. ग्रामीण = गँवार
126. गोमय = गोबर
127. गृहिणी = घरनी
128. गोस्वामी = गुसाई
129. गोपालक = ग्वाला
130. गर्मी = घाम

 ,  से शुरू होने वाले Tatsam and Tadbhav Shabd

131. चन्द्र= चाँद
132. छिद्र = छेद
133. चर्म = चमडा
134. चूर्ण = चूरन
135. छत्र = छाता
136. चतुर्विंश = चौबीस
137. चतुष्कोण = चौकोर
138. चतुष्पद = चौपाया
139. चक्रवाक = चकवा
140. चर्म = चाम
141. चर्मकार = चमार
142. चंचु = चोंच
143. चतुर्थ = चौथा
144. चैत्र = चैत
145. चंडिका = चाँदनी
146. चित्रकार = चितेरा
147. चिक्कण = चिकना
148. चवर्ण = चबाना
149. चक = चाक
150. छाया = छाँह

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

151. जिह्वा= जीभ
152. ज्येष्ठ = जेठ
153. जमाता = जवाई
154. ज्योति = जोत
155. जन्म = जनम
156. जंधा = जाँध
157. झरन = झरना
158. जीर्ण = झीना

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

159. तैल= तेल
160. तृण = तिनका
161. ताम्र = ताँबा
162. तिथिवार = त्यौहार
163. ताम्बूलिक = तमोली
164. तड़ाग = तालाब
165. त्वरित = तुरंत
166. तपस्वी = तपसी
167. तुंद = तोंद
168. तीर्थ = तीरथ

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

169. दूर्वा= दूब
170. दधि = दही
171. दुग्ध = दूध
172. दीपावली = दीवाली
173. धर्म = धरम
174. दंत = दांत
175. दीप = दीया
176. धूम्र = धुआँ
177. धैर्य = धीरज
178. दिशांतर = दिशावर
179. धृष्ठ = ढीठ
180. दंतधावन = दतून
181. दंड = डंडा
182. द्वादश = बारह
183. द्विगुणा = दुगुना
184. दंष्ट्रा = दाढ
185. दिपशलाका = दिया सलाई
186. द्विप्रहरी = दुपहरी
187. धरित्री = धरती
188. दंष = डंका
189. द्विपट = दुपट्टा
190. दुर्बल = दुर्बला
191. दुःख = दुख
192. द्वितीय = इजा
193. दक्षिण = दाहिना
194. धूलि = धुरि
195. धन्नश्रेष्ठी = धन्नासेठी
196. दौहित्र = दोहिता
197. देव = दई

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

198. पक्षी= पंछी
199. नयन = नैन
200. पत्र = पत्ता
201. नृत्य = नाच
202. निंद्रा = नींद
203. पद = पैर
204. नव्य = नया
205. प्रस्तर = पत्थर
206. नासिका = नाक
207. पिपासा = प्यास
208. पक्ष = पंख
209. नवीन = नया
210. नग्न = नंगा
211. पुत्र = पूत
212. प्रहर = पहर
213. पितृश्वसा = बुआ
214. प्रतिवेश्मिक = पड़ोसी
215. प्रत्यभिज्ञान = पहचान
216. प्रहेलिका = पहेली
217. पुष्प = फूल
218. पृष्ठ = पीठ
219. पौष = पूस
220. पुत्रवधू = पतोहू
221. पंच = पाँच
222. नारिकेल = नारियल
223. निष्ठुर = निठुर
224. पश्चाताप = पछतावा
225. प्रकट = प्रगट
226. प्रतिवासी = पड़ोसी
227. पितृ = पिता
228. पीत = पीला
229. नापित = नाई
230. पर्यंक = पलंग
231. पक्वान्न = पकवान
232. पाषाण =पाहन
233. प्रतिच्छाया = परछाई
234. निर्वाह = निवाह
235. निम्ब = नीम
236. नकुल = नेवला
237. नव = नौ
238. परीक्षा = परख
239. पुष्कर = पोखर
240. पर्ण = परा
241. पूर्व = पूरब
242. पंचदष = पन्द्रह
243. पक्क = पका
244. पट्टिका = पाटी
245. पवन = पौन
246. प्रिय = पिय
247. पुच्छ = पूंछ
248. पर्पट = पापड़
249. फणी = फण
250. पद्म = पदम
251. परख: = परसों
252. पाष = फंदा
253. प्रस्वेदा = पसीना

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

254. बालुका= बालू
255. बिंदु = बूंद
256. फाल्गुन = फागुन
257. बधिर = बहरा
258. बलिवर्द = बैल
259. बली वर्द = बींट

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

260. मयूर= मोर
261. मुख = मुँह
262. मक्षिका = मक्खी
263. मस्तक = माथा
264. भिक्षुक = भिखारी
265. मृत्यु = मोत
266. भिक्षा = भीख
267. मातुल = मामा
268. भ्राता = भाई
269. मिष्ट = मीठा
270. मृत्तिका = मिट्टी
271. भुजा = बाँह
272. भगिनी = बहिन
273. मृग = मिरग
274. मनुष्य = मानुष
275. भक्त = भगत
276. भल्लुक = भालू
277. मार्ग = मग
278. मित्र = मीत
279. मुष्टि = मुट्ठी
280. मूल्य = मोल
281. मूषक = मूस
282. मेघ = मेह
283. भाद्रपद = भादौं
284. मौक्तिक = मोती
285. मर्कटी = मकड़ी
286. मश्रु = मूंछ
287. भद्र = भला
288. भ्रत्जा = भतीजा
289. भ्रमर = भौरां
290. भ्रू = भौं
291. मुषल = मूसल
292. महिषी = भैंस
293. मरीच = मिर्च

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

294. रात्रि= रात
295. युवा = जवान
296. यश = जस
297. राशि = रास
298. रोदन = रोना
299. योगी = जोगी
300. राजा = राय
301. यमुना = जमुना
302. यज्ञोपवीत = जनेऊ
303. यव = जौ
304. राजपुत्र = राजपूत
305. यति = जति
306. यूथ = जत्था
307. युक्ति = जुगति
308. रक्षा = राखी
309. रज्जु = रस्सी
310. रिक्त = रीता
311. यषोदा = जसोदा

 ,  से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

312. वानर= बन्दर
313. लौह = लोहा
314. वत्स = बच्चा
315. विवाह = ब्याह
316. वधू = बहू
317. वाष्प = भाप
318. विद्युत् = बिजली
319. वार्ता = बात
320. लक्ष = लाख
321. लक्ष्मण = लखन
322. व्याघ्र = बाघ
323. वणिक = बनिया
324. वाणी = बैन
325. वरयात्रा = बारात
326. वर्ष = बरस
327. वैर = बैर
328. लज्जा = लाज
329. लवंग = लौंग
330. लोक = लोग
331. वट = बड
332. वज्रांग = बजरंग
333. वल्स = बछड़ा
334. लोमशा = लोमड़ी
335. वक = बगुला
336. वंष = बांस
337. वृश्चिका = बिच्छु
338. लवणता = लुनाई
339. लेपन = लीपना
340. विकार = विगाड
341. व्यथा = विथा
342. वर्षा = बरसात

 ,  ,  , श्र से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

343. सूर्य= सूरज
344. स्वर्ण = सोना
345. स्तन = थन
346. सूची = सुई
347. सुभाग = सुहाग
348. शिक्षा = सीख
349. शुष्क = सूखा
350. सत्य = सच
351. सर्प = साँप
352. श्रंगार = सिंगर
353. शत = सौ
354. सप्त = सात
355. शर्कर = शक्कर
356. शिर = सिर
357. श्रृंग = सींग
358. श्रेष्ठी = सेठ
359. श्रावण = सावन
360. शाक = साग
361. शलाका = सलाई
362. श्यामल = साँवला
363. शून्य = सूना
364. शप्तशती = सतसई
365. स्फोटक = फोड़ा
366. स्कन्ध = कंधा
367. स्नेह = नेह
368. श्यालस = साला
369. शय्या = सेज
370. स्वसुर = ससुर
371. श्रंखला = साँकल
372. श्रृंगाल = सियार
373. शिला = सिल
374. सूत्र = सूत
375. शीर्ष = सीस
376. स्थल = थल
377. स्थिर = थिर
378. ससर्प = सरसों
379. सपत्नी = सौत
380. स्वर्णकार = सुनार
381. शूकर = सूअर
382. शाप = श्राप
383. श्याली = साली
384. श्मषान = समसान
385. शुक = सुआ

 , क्ष से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :-

386. हास्य= हँसी
387. क्षीर = खीर
388. क्षेत्र = खेत
389. हिरन = हरिण
390. हस्त = हाथ
391. हस्ती = हाथी
392. क्षत्रिय = खत्री
393. क्षार = खार
394. क्षत = छत
395. हरिद्रा = हल्दी
396. क्षति = छति
397. क्षीण = छीन
398. क्षत्रिय = खत्री
399. हट्ट = हाट
400. होलिका = होली
401. ह्रदय = हिय
402. हंडी = हांड़ी

त्र से शुरू होने वाले तत्सम = तद्भव शब्द :

403. त्रिणी= तीन

404. त्रयोदष = तेरह

अगर आपको हमारी यह पोस्ट Tatsam and Tadbhav Shabd Kise Kahate hain अच्छी लगी है तो इसे जरूर share करें।

यह भी पढ़ें :

 

Check Also

vyanjan kise kahate hain bhed prakar

Vyanjan Kise Kahate Hain | व्यंजन के कितने भेद होते हैं?

Vyanjan Kise Kahate Hain, व्यंजन के कितने भेद होते हैं, Vyanjan Kise Kahate Hain in …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *