प्रोटॉन की खोज किसने की थी, प्रोटॉन की खोज कैसे हुई?

प्रोटॉन की खोज किसने की: आज हम इस पोस्ट में जानेंगे कि Proton Ki Khoj Kisne Ki (प्रोटॉन की खोज किसने की थी) अगर आप भी जानना चाहते हैं कि प्रोटोन की खोज किसने की है? Proton ki khoj kab hui तो इस पोस्ट को पढ़ते रहे। प्रोटोन से जुड़े सवाल आप से किसी भी एग्जाम में पूछ लिया जा सकता है इसलिए जरुरी है की आपको प्रोटोन के बारे में पूरी जानकारी हो।

प्रोटॉन की खोज किसने की थी | प्रोटॉन की खोज कैसे हुई

प्रोटॉन की खोज किसने की और कब की?

सबसे पहले परमाणु से निकलने वाले इस धनात्मक कण की किरण का प्रेक्षण यूजेन गोल्डस्टीन ने किया था। बाद में रदरफोर्ड ने इस कण की पुष्टि की और इसको प्रोटॉन नाम दिया। इसलिए रदरफोर्ड को ही प्रोटॉन की खोज का श्रेय दिया जाता है।

प्रोटॉन की खोज कैसे हुई? 

शुरुआत में वैज्ञानिक जानते थे कि परमाणु पर कोई भी विद्युत आवेश नहीं होता है। ये विद्युत उदासीन होते हैं अर्थात परमाणु पर कुल विद्युत आवेश शून्य (0) होता है।

उसके बाद 1897 में जे .जे .थॉम्पसन ने इलेक्ट्रॉन कि खोज की और यह भी बताया कि इलेक्ट्रॉन एक ऋणावेशित कण है जिस पर -1.602176634×10−19 C (कूलम्ब) ऋण आवेश उपस्थित होता है।

सभी वैज्ञानिक इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद से सोच मे पड़ गए क्योंकि परमाणु तो विद्युत उदासीन होता है उस पर कोई भी आवेश उपस्थित नहीं होता है। लेकिन परमाणु में पाए जाने वाले कण इलेक्ट्रॉन पर ऋण आवेश होता है।

यह कैसे सम्भव था, परमाणु विद्युत रूप से उदासीन लेकिन उसमें पाए जाने वाले कण में ऋण आवेश।

तभी वैज्ञानिकों ने सोचा की परमाणु में कोई ना कोई ऐसा कण या कुछ ऐसी चीज जरूर मौजूद होनी चाहिए जिसके पास में इलेक्ट्रॉन जितना ही लेकिन प्रकृति में धनात्मक आवेश मौजूद हो।

जिसके फलस्वरूप परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों का ऋण आवेश इस नए कण के धन आवेश से संतुलित हो जा रहा है, और परमाणु विद्युत रूप से उदासीन प्रतीत होता है। यानी कि परमाणु का कुल आवेश शून्य हो जाता है।

यहां पर जे .जे .थॉम्पसन ने आगे आकर अपना परमाणु मॉडल दिया जिसमे उन्होंने इस धनावेश की उपस्थित के बारे में बताया तथा व्याख्या करी कि किस प्रकार इलेक्ट्रॉन और यह धनावेश एक परमाणु में मौजूद होते हैं।

लेकिन जे .जे .थॉम्पसन का यह परमाणु मॉडल कई चीजों को बताने मे असक्षम रहा व इसमें कई कमियां भी थी जिस वजह से यह परमाणु मॉडल फेल हो गया और इसे मान्यता नहीं दी गई। तथा धनात्मक आवेश वाले कण के लिए फिर से खोज शुरू हो गई।

प्रोटॉन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

गुणमान
प्रोटॉन का द्रव्यमान1.6726219×10−27 kg
प्रोटॉन पर विद्युत् आवेश+ 1.602176634×10−19 C
खोज (Proton ki khoj kisne ki thi)पहले 1886 में गोल्डस्टीन ने ऑब्ज़र्व किया इसके बाद 1917-1920 में रदरफोर्ड द्वारा पूर्ण रूप से खोज लिया गया।
प्रतीकp, +p, +e

Proton ki khoj kisne ki thi – Video Guide

FAQ

Q. प्रोटोन का आविष्कार कौन किया था?

Ans. प्रोटॉन की खोज अर्नेस्ट रदरफोर्ड द्वारा 1919 में किया गया था।

Q. प्रोटॉन इलेक्ट्रॉन से कितने गुना भारी होता है?

Ans. प्रोटॉन इलेक्ट्रॉन से 1840 गुना भारी है।

Conclusion

उम्मीद करते आपको हमारी यह पोस्ट प्रोटॉन की खोज किसने की थी, प्रोटॉन की खोज कब हुई, प्रोटॉन की खोज कैसे हुई पसंद आई होगी अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसे शेयर करना न भूलें।

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