Pratyay Kise Kahate Hain | Pratyay Shabd in Hindi – प्रत्यय

Hindi Vyakaran की इस सीरीज में Pratyay Kise Kahate Hain, Pratyay Shabd in Hindi को उदाहरण सहित बिलकुल ही आसान तरीके से सीखेंगे।

Pratyay kise kahate hain

Pratyay Kise Kahate Hain | प्रत्यय की परिभाषा

प्रत्यय उस शब्द को कहा जाता है, जो किसी शब्द के आखिर में जुड़कर नये शब्द का निर्माण करते हैं। 

Pratyay दो शब्दों के योग से बना है – प्रति+अय। 

ये उपसर्गों की तरह अविकारी शब्द है, जो शब्दों के बाद जोड़े जाते है।

जैसे- पढ़ा शब्द में आई प्रत्यय लगाने से पढ़ाई बनता है। यहाँ पर आई प्रत्यय है।

यह भी पढ़ें : पुरुष

Pratyay Ke Bhed | प्रत्यय के भेद

प्रत्यय 2 तरह के होते हैं –

  1. कृत् प्रत्यय 
  2. तद्धित प्रत्यय

1. कृत् Pratyay Kise Kahate Hain

ऐसे प्रत्यय जो क्रिया के मूल रूप (root) में जोड़ जाते है, कृत् प्रत्यय कहलाते हैं और उनके योग से बने शब्द को कृदन्त कहते हैं।

जैसे-

लिख् + अक =लेखक।

घट+इया = घटिया

कृत प्रत्यय 5 तरह के होते हैं –

  1. कर्तृवाचक कृदंत
  2. कर्मवाचक कृदंत
  3. करणवाचक कृत
  4. भाववाचक कृदंत
  5. क्रियावाचक कृदंत

1. कर्तृवाचक कृदंत

जिस Pratyay से बने शब्द से कार्य करने वाला (कर्ता) का पता चलता है उसे कर्तृवाचक कृदंत कहते हैं।

अक = लेखक, नायक, गायक।

अक्कड़ = भुलक्कड़, घुमक्कड़, पियक्कड़, कुदक्कड़।

आक = तैराक।

आलू = झगड़ालू।

आकु = लड़ाकु, कृपालु , दयालु।

आड़ी = खिलाड़ी, अगाड़ी, अनाड़ी, कबाड़ी।

इयल = अडियल, मरियल, सड़ियल।

एरा = लुटेरा, बसेरा, सवेरा, अंधेरा।

ऐया = गवैया, नचैया , खिवैया।

ओड़ा = भगोड़ा।

वाला = पढ़नेवाला, लिखनेवाला, रखवाला।

हार = होनहार , राखनहार, चाखनहार, पालनहार।

यह भी पढ़ें : उपसर्ग 

2. कर्मवाचक कृदंत

जिस प्रत्यय से बने शब्द से कर्म का पता चलता हो उसे कर्मवाचक कृदंत कहते हैं।

जैसे –

औना = खिलौना, बिछौना, घिनौना।

ना = सूँघना,ओढ़ना, पढ़ना, खाना।

नी = सूंघनी, बधनी।

गा = गाना, गाड़ी।

3. करणवाचक कृदंत

जिस Pratyay शब्द से क्रिया के साधन अर्थात कारण को बताते हैं वह करणवाचक कृदंत कहलाते हैं।

जैसे –

न = बेलन, बंधन, कंगन।

ऊ = झाडू, भालू।

आ = झूला,भटका, भूला।

नी = धौंकनी, करतनी, सुमिरनी, चलनी, फूंकनी ।

ई = फाँसी, धुलाई, रेती, भारी।

4. भाववाचक कृदंत

वे प्रत्यय जो क्रिया से भाववाचक संज्ञा का निर्माण करते हैं भाववाचक कृदंत कहलाते हैं।

जैसे-

अ = मार, लूट, तोल।

ना = लिखना, पढ़ना।

आई = पढ़ाई, लिखाई , लड़ाई, कटाई, चढ़ाई, सिलाई।

आन = उड़ान ,मिलान, चढान, उठान,पहचान।

आप = मिलाप, विलाप।

आव = चढ़ाव, धुमाव, कटाव।

आवा = बुलावा,छलावा, दिखावा, बहाव, चढ़ाव।

आवट = सजावट, लिखावट, मिलावट, रुकावट।

आहट = घबराहट, चिल्लाहट।

ई = बोली, हँसी।

5. क्रियावाचक कृदंत

जिस प्रत्यय से बने शब्द से क्रिया के होने का भाव पता चले, उसे क्रियावाचक कृदंत  कहते हैं।

जैसे –

हुआ = चलता हुआ, पढ़ता हुआ, भागता हुआ,लिखता हुआ।

2. तद्धित प्रत्यय

जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम अथवा विशेषण के पहले ही जुड़कर नए शब्द बनाते हैं, वह तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं। इनके मेल से बने शब्दों को तद्धितांत या तद्धित कहते हैं।

जैसे –

मानव + ता मानवता

अच्छा + आई = अच्छाई

एक + ता = एकता

ड़का + पन = लडकपन

अपना + त्व = अपनत्व

तद्धित-प्रत्यय 8 तरह के होते हैं –

  1. कर्तृवाचक तद्धित
  2. भाववाचक तद्धित
  3. संबंधवाचक तद्धित
  4. गणनावाचक तद्धित
  5. गुणवाचक तद्धति
  6. स्थानवाचक तद्धति
  7. सादृश्यवाचक तद्धित
  8. ऊनवाचक तद्धित प्रत्यय

1. कर्तृवाचक तद्धित

ऐसे प्रत्यय जिससे किसी के कार्य करने का पता चलता हो उसे कर्तृवाचक तद्धित कहते है।

संज्ञा के आखिर में आर, इया, ई, एरा, हारा आदि तद्धित-प्रत्यय लगाकर कर्तृवाचक तद्धितान्त संज्ञाएँ बनायी जाती हैं।

जैसे –

आर = लुहार, सुनार, कहार।

इया = रसिया, सुविधा, दुखिया, आढ़तिया।

ई = तेली।

एरा = घसेरा, कसेरा।

हारा = लकड़हारा, पनिहारा, मनिहार।

2. भाववाचक तद्धित

ऐसे प्रत्यय जो संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के साथ जुड़कर भाव को बताते हैं ,वह भाववाचक तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं।

संज्ञा के आखिर में आ, आयंध, आई, आन, आयत, आरा, आवट, आस, आहट, ई, एरा, औती, ता, पन, पा, स आदि लगाकर भाववाचक तद्धितान्त संज्ञाएँ बनायी जाती हैं।

जैसे-

आ = बुलावा, सर्राफा।

आई = भलाई, बुराई, ढिठाई, कठिनाई , चुतराई।

आपा = बुढ़ापा,मोटापा।

आस = खटास, मिठास,भड़ास।

आहट = कड़वाहट, घबराहट, झल्लाहट।

इमा = लालिमा, महिमा, अरुणिमा।

ई – गर्मी,खेती सर्दी।

ता = सुन्दरता, मूर्खता, मनुष्यता।

त्व = मनुष्यत्व, पशुत्व।

पन = बचपन, लड़कपन, छुटपन।

3. संबंधवाचक तद्धित

जिस प्रत्यय शब्द से संबंध का बोध हो, उसे संबंधवाचक तद्धित कहते हैं।

संज्ञा के आखिर में आलू, आल, ए, एरा, एल, औती, जा आदि लगाकर सम्बन्धवाचक तद्धितान्त संज्ञाएँ बनाए जाते हैं।

जैसे –

एरा = चचेरा, ममेरा, फुफेरा।

इक = शारीरिक, नैतिक, धार्मिक, आर्थिक।

आलु = दयालु, श्रद्धालु।

आल – ससुराल, ननिहाल।

इत = फलित।

ईला = रसीला, रंगीला, जहरीला।

मान = बुद्धिमान।

वत् = पुत्रवत, मातृवत्।

हरा = इकहरा।

जा = भतीजा, भानजा।

ओई = ननदोई।

4. गणनावाचक तद्धित प्रत्यय

जिस प्रत्यय शब्द से संख्या का पता चले,उसे गणनावाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं। संज्ञा-पदों के अंत में, ला, रा, था, वाँ, हरा आदि लगाकर गणनावाचक तद्धितान्त संज्ञाए बनती है।

जैसे –

ला = पहला।

हरा = इकहरा, दुहरा, तिहरा।

चौथा = चौथा।

वाँ = पाचवाँ।

5. गुणवाचक तद्धति

जिस प्रत्यय शब्द से किसी गुण का पता चले उसे गुणवाचक तद्धति कहते हैं। संज्ञा के अन्त में आ, इत, ई, ईय, ईला, वान,लू, इन प्रत्ययों को लगाकर गुणवाचक संज्ञाएँ बनायी जाती हैं।

जैसे-

वान = लुभावन डरावना सुहावना गुणवान, धनवान।

ईला = चमकीला, भड़कीला, रंगीला।

ई = धनी, लोभी, क्रोधी।

इत = पुष्पित, आनंदित, क्रोधित।

ईय = वांछनीय, अनुकरणीय।

लू = कृपालु दयालु ,शंकालु।

6. स्थानवाचक तद्धति

जिस प्रत्यय शब्द से किसी स्थान का पता चलता है,उसे स्थानवाचक तद्धति कहते है। संज्ञा के अन्त में ई, वाला, इया, तिया इन प्रत्ययों को लगाकर स्थानवाचक संज्ञाएँ बनायी जाती हैं।

जैसे –

वाला = डेरेवाला, दिल्ली वाली , बनारस वाली, सूरत वाला,चाय वाला।

इया = मुंबइया, जयपुरिया, नागपुरिया।

तिया = कलकतिया, तिरहुतिया।

ई = पंजाबी, बंगाली, गुजराती।

7. सादृश्यवाचक तद्धित प्रत्यय

जिस शब्द से समता या समानता का बोध हो उसे सादृश्यवाचक तद्धित प्रत्यय कहते है संज्ञा के आखिर में सा, हरा आदि इन प्रत्ययों को लगाकर सादृश्यवाचक संज्ञाएँ बनाया जाता है।

जैसे –

हरा = सुनहरा, रुपहरा।

सा = पीला-सा, नीला-सा, काला-सा।

8. ऊनवाचक तद्धित प्रत्यय

जिस प्रत्यय शब्द से लघुता , प्रियता, हीनता आदि का बोध हो उसे ऊनवाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं। संज्ञा के अन्त में आ, इया, ई, ओला, क, की, टा, टी, ड़ा, डी, री, ली, वा, सा को लगाकर ऊनवाचक संज्ञाएँ बनायी जाती हैं।

जैसे –

इया = लुटिया, डिबिया, खटिया।

टा = लँगोटी, कछौटी,कलूटा।

ई = कोठरी, टोकनी, ढोलकी।

ड़ा = पगड़ी, टुकड़ी, बछड़ा।

अगर आपको यह post Pratyay Kise Kahate Hain पसंद आयी तो इसे जरूर शेयर करें धन्यवाद् ।


यह भी पढ़ें :

Check Also

tatsam and tadbhav shabd kise kahate hain

Tatsam and Tadbhav Shabd Kise Kahate hain

Hindi Vyakaran की इस सीरीज में Tatsam and Tadbhav Shabd Kise Kahate hain , तत्सम-तद्भव शब्द …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *