प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं समीकरण सहित समझाइए

प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं: आज के इस पोस्ट हम जानेंगे की प्रकाश संश्लेषण क्या है (Prakash Sanshleshan Kya Hai)और इससे जुड़ी सारी जानकारी को समझेंगे।

प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं  | Prakash Sanshleshan Kya Hai

प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं | Photosynthesis in Hindi

प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा: सूर्य के प्रकाश में पौधों के हरे भागों में उपस्थित पर्णहरिम (क्लोरोफिल) की मदद से कार्बन डाई ऑक्साइडजल के संयोग से शर्करा आदि कार्बोहाइड्रेट के बनने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। 

यह एक जैव रासायनिक क्रिया है।

प्रकाश संश्लेषण का चित्र | प्रकाश संश्लेषण का समीकरण क्या है

Prakash Sanshleshan Kya Hai | Photosynthesis in Hindi | प्रकाश संश्लेषण का चित्र

प्रकाश संश्लेषण की क्रियाविधि | प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं

प्रकाशीय अभिक्रिया किसे कहते हैं (Light Reaction): 

प्रकाशीय अभिक्रिया का अध्ययन पहले हिल नामक वैज्ञानिक ने किया था। इसलिए इसे हिल अभिक्रिया भी कहते हैं। प्रकाशीय अभिक्रिया हरित लवकों (Chloroplast) के ग्रेनम (Granam) में होती है।

इस अभिक्रिया में प्रकाश ऊर्जा का रूपांतरण रसायनिक ऊर्जा में होता है और यह ऊर्जा ATP (Adenosine Tri Phosphate) में संचित होती है। इस क्रिया को फोटो फॉस्फोरिलेशन कहते हैं।

नोट – रिएक्शन को नीचे दिए गए वीडियो से समझें।

prakashik abhikriya kise kahate hain | प्रकाश संश्लेषण का समीकरण क्या है

अप्रकाशीय अभिक्रिया किसे कहते हैं (Dark Reaction)

इस अभिक्रिया में प्रकाश की जरूरत नहीं होती है। इस अभिक्रिया की खोज ब्लैकमेन वैज्ञानिक ने की थी। इन्हीं के नाम से इसे ब्लैकमेन अभिक्रिया भी कहते हैं।

यह अभिक्रिया हरित लवक के स्ट्रोमा में होती है। यह अभिक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होती है – 

प्रकाश संश्लेषण का समीकरण क्या है

प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक

बाह्य कारक (External Factors)

  1. प्रकाश
  2. ताप
  3. कार्बन डाई ऑक्साइड
  4. जल
  5. ऑक्सीजन
  6. खनिज

प्रकाश (Light)

लाल और नीले रंग के प्रकाश में संश्लेषण की दर सबसे अधिक होती है। इन्फ्रारेड प्रकाश में प्रकाश संश्लेषण की दर कम हो जाती है। हरे रंग के प्रकाश में प्रकाश संश्लेषण की दर सबसे कम होती है। प्रकाश तीव्रता बढ़ाते रहने से एक निश्चित सीमा तक प्रकाश संश्लेषण की दर बढ़ती रहती है।

ताप (Temperature)

ठंडी जलवायु में प्रकाश संश्लेषण 3.5C ताप पर शुरू हो जाता है लेकिन गर्म जलवायु के पौधे 5C से कम ताप पर प्रकाश संश्लेषण नहीं कर पाते हैं।

सामान्यतः 10-35C ताप प्रकाश संश्लेषण के लिए काफी होता है। प्रत्येक 10C ताप वृद्धि पर प्रकाश संश्लेषण क्रिया की दर दोगुनी हो जाती है।

कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2)

वायुमंडल में लगभग 0.03% CO2 होती है। CO2 की मात्रा 30 गुनी तक बढ़ाने से क्रिया की दर बढ़ती जाती है लेकिन इससे अधिक CO2 की सांद्रता क्रिया की दर पर विषैला प्रभाव डालती है।

 जल (Water)

पौधा अवशोषित जल का कुल 1% प्रकाश संश्लेषण में काम लाता है।  जल की कमी क्रिया पर अप्रत्यक्ष प्रभाव डालती है।

ऑक्सीजन (O2)

प्रकाश संश्लेषण क्रिया पर अप्रत्यक्ष प्रभाव डालती है। यह O2 की अधिक सांद्रता पर विपरीत प्रभाव डालती है।

खनिज (Minerals) 

Fe और Mg पर्णहरिम संश्लेषण के लिए जरूरी होते हैं। इनकी कमी से पौधों में क्लोरोसिस हो जाती है। यह प्रकाश संश्लेषण क्रिया की दर को प्रभावित करती है।

आंतरिक कारक (Internal Factors)

  1. पर्णहरिम
  2. पत्ती की संरचना

पर्णहरिम (Chlorophyl)

पर्णहरिम रहित पौधों में प्रकाश संश्लेषण नहीं होता है।

पत्ती की संरचना (Leaf Structure)

उपचम की मोटाई, रंध्र की संख्या, कोशिकाओं में संचित खाद्य पदार्थों की मात्रा, पर्णमध्योतक कोशिकाओं की आदि।

प्रकाश संश्लेषण का महत्व क्या है?

  • प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य का प्रकाश एक आवश्यक घटक है, इससे सौर ऊर्जा की स्थिरता बनी रहती है।
  • सूर्य की सौर ऊर्जा, खाद्य पदार्थों में रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित हो जाती है, जोकि जीवन के लिए जरूरी है।
  • इस प्रक्रिया में CO2 का अवशोषण होता है जबकि O2 मुक्त होती है। 
  • इस प्रक्रिया में CO2 और O2 का संतुलन बना रहता है जो पर्यावरण की दृष्टि से बहुत जरूरी है।
  • सभी सजीवों का भोजन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रकाश संश्लेषण पर ही निर्भर होता है।

Prakash Sanshleshan Kya Hai, प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं – Video Guide

FAQ

Q. प्रकाश संश्लेषण क्या है उत्तर?

Ans. सूर्य के प्रकाश में पौधों के हरे भागों में उपस्थित पर्णहरिम (क्लोरोफिल) की मदद से कार्बन डाई ऑक्साइडजल के संयोग से शर्करा आदि कार्बोहाइड्रेट के बनने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। 

Q. पत्तियों को प्रकाश संश्लेषण क्यों कहा जाता है?

Ans. पत्तियों के द्वारा प्रकाश संश्लेषण की क्रिया होती है इसलिए पतियों को प्रकाश संश्लेषण कहा जाता है।

Q. प्रकाश संश्लेषण नहीं हो तो क्या होगा?

Ans. अगर पौधे प्रकाश संश्लेषण ना करे तो पत्तियां कभी भी भोजन नहीं बना पाएंगी तथा भोजन पौधे के प्रत्येक भाग तक नहीं पहुंचेगा। जिससे पौधा धीरे धीरे मर जाएगा।

Q. पृथ्वी पर सबसे अधिक प्रकाश संश्लेषण किसके द्वारा होता है?

Ans. लाल रंग के प्रकाश में यह क्रिया सबसे अधिक होती है। लाल रंग के बाद बैगनी रंग के प्रकाश में यह क्रिया सबसे अधिक होती है।

ये दोनों रंग क्लोरोफिल द्वारा सर्वाधिक मात्रा में अवशोषित किए जाते हैं।

Q. प्रकाश संश्लेषण में रंगों का क्या कार्य है?

Ans. पौधे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के लिए प्रकाश के केवल कुछ रंगों का इस्तेमाल करते हैं। क्लोरोफिल, नीले, लाल और बैंगनी प्रकाश किरणों को अवशोषित कर लेता। प्रकाश संश्लेषण प्रकाश की नीली और लाल किरणों में ज्यादा होता और हरे प्रकाश किरणों में कम या नहीं होता है।

Q. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में उत्पाद के रूप में क्या बनता है?

Ans. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में उत्पाद के रूप में ग्लूकोज बनता है।

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