Bal Kise Kahate Hain | बल किसे कहते हैं बल का मात्रक

आज के इस Post में हम पढ़ेंगे Bal Kise Kahate Hain, बल की परिभाषा, बल के प्रकार, बल का विमीय सूत्र, बल का मात्रक उदाहरण के साथ तो चलिए इसे पढ़ कर अच्छे से समझते हैं।

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Bal Kise Kahate Hain | बल किसे कहते हैं बल का मात्रक

बल की परिभाषा :  बल वह खिंचाव या धक्का है जो किसी वस्तु को विराम या गति की अवस्था में बदलता है या बदलने की कोशिश करता है।

दूसरे शब्दों में – बल वह भौतिक राशि है जो किसी वस्तु पर लगकर उसकी अवस्था में बदलाव लाती है या लाने की कोशिश करती है।

बल एक सदिश राशि है, इसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।

बल का विमीय सूत्र

बल का विमाय सूत्र = [M L T-2] होता है।

बल का मात्रक

बल का S.I मात्रक न्यूटन (N) होता है।

बल के प्रकार | Bal Kise Kahate Hain

बल 2 प्रकार के होते हैं –

  1. सम्पर्क बल
  2. असम्पर्क बल

सम्पर्क बल

जब बल लगाने वाली वस्तु, जिस वस्तु पर बल लगाया जा रहा है, उसके संपर्क में हो तो ऐसा बल संपर्क बल कहलाता है।

उदाहरण-

फुटबाल को गति प्रदान करना।

सम्पर्क बल भी 2 प्रकार के होते हैं –

1. पेशीय बल

मांसपेशियों के क्रिया स्वरुप लगने वाले बल को पेशीय बल कहते हैं।

2. घर्षण बल

गतिशील वस्तुओं पर लगने वाले बल को घर्षण बल कहते हैं। यह दो सतहों के बीच लगता है, इसकी दिशा हमेशा गति की दिशा में होती है।

जैसे –

  • सड़क पर साइकल या कोई गाड़ी घर्षण के कारण ही चल पाती है।
  • पेन्सिल, पेन आदि से लिखने के लिए घर्षण आवश्यक है।
  • चलने, कूदने और दौड़ने के लिए घर्षण आवश्यक है।
  • किसी गाड़ी में ब्रेक घर्षण के कारण ही लगता है।

असम्पर्क बल

जब बिना संपर्क में आए बल लग सकता हो उस बल को संपर्क बल कहते हैं।

इसी प्रकार, चुंबक द्वारा किसी लोहे के टुकड़े पर लगाया गया बल असम्पर्क बल है।

ये 3 प्रकार के होते हैं –

1. चुम्बकीय बल

चुम्बक द्वारा चुम्बकीय धातु पर लगाये गये बल को चुम्बकीय बल कहते हैं।

2. स्थिर विधुत बल

आवेशों (+,-) के बीच लगने वाले आकर्षण बल को स्थिर विधुत बल कहते हैं।

जैसे – कंघे पर कागज़ के टुकड़ों का चिपकना  

3. गुरुत्वाकर्षण बल

दो पिंडों के बीच लगने वाले बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं।

जैसे –

  • पृथ्वी और सूर्य के मध्य लगने वाला बल
  • पेड़ों से फल का गिरना
  • ऊपर फेकी गयी वस्तु का वापस नीचे की ओर गिरना

बल की प्रबलता के आधार पर बल 2 प्रकार के होते हैं –

  1. संतुलित बल
  2. असंतुलित बल

संतुलित तथा असंतुलित बल किसे कहते हैं –

संतुलित बल (Balanced Froce)

जब किसी वस्तु के दोनों सिरों को समान बल से खींचा जाता है तब वस्तु की अवस्था में कोई बदलाव नही होता है, उसे संतुलित बल कहते हैं।

अर्थात वस्तु पर काम कर रहे सभी बालों का परिमाण शून्य होगा।

असंतुलित बल (unbalanced Froce)

जब किसी वस्तु के दोनों सिरों में से एक सिरे पर अधिक बल तथा एक सिरे पर कम बल लगायें तो वस्तु अधिक बल लगाये गये सिरे की ओर विस्थापित हो जाती है, इस बल को असंतुलित बल कहते हैं।

बल किसे कहते हैं कितने प्रकार के होते हैं?

बल वह खिंचाव या धक्का है जो किसी वस्तु को विराम या गति की अवस्था में बदलता है या बदलने की कोशिश करता है।
बल 2 प्रकार के होते हैं –
1. सम्पर्क बल
2. असम्पर्क बल
बल की प्रबलता के आधार पर बल 2 प्रकार के होते हैं –
1. संतुलित बल
2. असंतुलित बल

असंपर्क बल कितने प्रकार के होते हैं?

ये 3 प्रकार के होते हैं –
1. चुम्बकीय बल
2. स्थिर विधुत बल

सम्पर्क बल क्या है?

जब बल लगाने वाली वस्तु, जिस वस्तु पर बल लगाया जा रहा है, उसके संपर्क में हो तो ऐसा बल संपर्क बल कहलाता है।
उदाहरण-
फुटबाल को गति प्रदान करना।

Conclusion

इस Post में हमने  Bal Kise Kahate Hain, बल की परिभाषा, बल के प्रकार, बल का विमीय सूत्र, बल का मात्रक  के बारे में बताया है, उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह Post पसंद आया होगा।

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